पथरी की आयुर्वेदिक दवा | Pathri Ki Ayurvedic Dawa

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पथरी की आयुर्वेदिक दवा

पथरी की आयुर्वेदिक दवा | Pathri Ki Ayurvedic Dawa 

पथरी की आयुर्वेदिक दवा:  दोस्तों आज के समय में पथरी की समस्या होना बहुत ही आम बात है। पहले के समय में यह रोग बूढ़े लोगों को हुआ करता था, लेकिन आज के समय में यह रोग युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है। ना केवल बड़े बल्कि आज के समय में बच्चों में भी पथरी की समस्या होने लगी है। आज के समय में खान-पान और दिनचर्या में बहुत ही बड़ा फर्क आ चुका है। यही कारण है, कि हमारी सेहत भी प्रभावित होती है।

तो अगर आप भी पथरी की समस्या से ग्रस्त है और इससे निजात पाना चाहते हैं, तो आज का यह आर्टिकल ( पथरी की आयुर्वेदिक दवा ) पढ़ें। क्यूंकि आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे, कि आप कैसे अपनी बॉडी में स्टोन बनने से रोक सकते हैं और पथरी की समस्या का समाधान पा सकते हैं। तो आइए हम जानते है, पथरी की आयुर्वेदिक दवा।

किडनी स्टोन या पथरी क्या है ?

मनुष्य की Urine में बहुत सारे तत्व पाए जाते हैं। इन्हीं में से कुछ तत्व हैं, Calcium oxalate और crystals . यह एक दूसरे से जब मिलने लगते हैं और जुड़ जाते हैं, तब यह कुछ समय बाद धीरे-धीरे मूत्रमार्ग में कठोर पदार्थ बनने लगता है, जिसे पथरी के नाम से जाना जाता है।

पथरी रोग आज के समय में बहुत नॉर्मल हो गया है। और इसके कारण असहनीय पीड़ा, पेशाब में संक्रमण और किडनी को नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए यह जानना जरूरी है, कि हम इस समस्या से कैसे निजात पा सकते हैं।

किडनी में पथरी होने के लक्षण | Pathri Ke Lakshan 

ऐसे बहुत सारे लक्षण होते हैं, जिन पर गौर करके हम यह जान सकते हैं, कि हमें पथरी की समस्या है या नहीं।

पथरी के लक्षण होते हैं :-

  1. शरीर के किडनी के पास वाले हिस्से में असहनीय पीड़ा या दर्द होना।
  2. पेशाब करते समय दर्द एवं जलन होना।
  3. पेशाब का पीला होना।
  4. यूरिन में बहुत बदबू होना साथ ही खून आना। उलटी जैसा लगना।
  5. इसके साथ ही साथ पीठ में दर्द भी हो सकता है।

यदि आपको ऐसा लागत है, की आप में यह सभी लक्षण हैं, तो आपको तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से चेकअप कराना चाहिए।

यहां पर आप पथरी तोड़ने की दवा या फिर पथरी के इलाज के बारे में जान सकते हैं

किडनी में पथरी होने के कारण ?

अगर आप यह जानना चाहते हैं, कि किडनी में पथरी होने का क्या मुख्य कारण होता है, तो आईए इस प्रश्न का जवाब जानते है।

दरसल  कैल्शियम और यूरिक एसिड। यह मनुष्य के urine में पहले से मौजूद होता है। डॉक्टर्स का मानना है, कि जब आपके शरीर में यूरिक एसिड बहुत अधिक मात्रा में इकट्ठा होना शुरू हो जाता है और आप ठीक तरह से पानी नहीं पीते और हाइड्रेटेड नहीं रहते है, तो पथरी की समस्या उभरकर सामने आती है। पथरी की समस्या महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में ज्यादा आम है।

पथरी की आयुर्वेदिक दवा

1. किडनी की पथरी का आयुर्वेदिक इलाज औषधियों द्वारा

यह बात तो हम सभी मानते हैं, कि आयुर्वेदिक इलाज हमेशा से एक अच्छा विकल्प रहा है। हमें अंग्रेजी दवाई इस्तेमाल करने से पहले आयुर्वेदिक औषधियों को जरूर ट्राई करना चाहिए, क्योंकि आयुर्वेद से किडनी स्टोन का बेहतर इलाज संभव है। कई बड़े यूरोलॉजिस्ट भी आज के समय में आयुर्वेद की औषधियों का इस्तेमाल करके इस समस्या का इलाज कर रहे हैं।

आमतौर पर 10mm या उससे छोटी पथरी बिना किसी ख़ास इलाज़ के ही आसानी से निकल जाती है। लेकिन अगर पथरी का साइज़ इससे बड़ा है, तो इसे शिल क्रिया द्वारा निकाला जा सकता है।

किडनी के इलाज के लिए आयुर्वेद में पत्थरचट्टा और पाषाणभेद नाम के पौधे का जिक्र किया गया है। इन पौधों के 5-6 पत्ते पानी में उबालकर सुबह-सुबह पीने से पथरी की समस्या में आराम मिलता है।

वरुणादि क्वाथ, गोक्षुरादि गुग्गुल, पुनर्नवा क्वाथ आदि जैसी दवाएं भी पथरी के रोग में बहुत लाभदायक है। कुलथी की दाल भी किडनी की समस्या दूर करने में लाभदायक है।

लेकिन दोस्तों ध्यान रहे, कि आप इन सभी आयुर्वेदिक औषधियों को आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्श के बाद ही इस्तेमाल करें।

2. किडनी की पथरी का आयुर्वेदिक इलाज थेरेपी द्वारा

किडनी की पथरी का आयुर्वेदिक इलाज थैरेपी के द्वारा भी किया जा सकता है। Ayurvedic थेरेपी और कर्म कुछ इस प्रकार हैं :-

स्वेदन कर्म – इस कर्म में रोगी के शरीर से भाप या पेट की सहायता से पसीना निकाला जाता है और रोगी के बॉडी को डिटॉक्स किया जाता है।

विरेचन कर्मविरेचन कर्म द्वारा शरीर को Detox करके मूत्र निष्कासन दुरुस्त किया जाता है और पथरी का इलाज किया जाता है।

वमन कर्म वामन कर में पंचकर्म का ही एक हिस्सा है। इसमें रोगी को औषधियों द्वारा उल्टी करवाई जाती है और उल्टी के जरिए पथरी बनने के कारण जैसे कि जैसे- कैल्शियम, ऑक्सालेट आदि को बाहर निकाला जाता है।

बस्ती कर्म – इस प्रक्रिया में एनिमा द्वारा मलाशय से सारा मल बाहर निकाला जाता है।


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पथरी के मरीजों के आहार व जीवनशैली में बदलाव

यह बात तो सत्य है, कि आज के समय में सभी को ठीक आहार नहीं मिल पा रहा है। इसलिए सही जीवन शैली अपनाना बहुत ही जरूरी है। पौष्टिक आहार और सही जीवन शैली से ही हम रोग मुक्त हो सकते हैं। आज के समय में सभी लोग काफी व्यस्त रहते हैं, जिस कारण से वह अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते।

अक्सर हम देर रात तक जाकर काम करते हैं और फिर सुबह देर से उठते हैं। यह आदत आपकी सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाती है। हमें हमेशा सुबह जल्दी उठना चाहिए और खाली पेट गुनगुना पानी अवश्य पीना चाहिए। यह आपको किडनी के और पथरी के रोग में राहत देता है। काम के चलते हम खाने पर भी ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते।

Fast-food के बढ़ते चलन के कारण हम अक्सर यही खाते रहते हैं और पौष्टिक खाना नहीं खा पाते। खानपान सही ना हो पाने से आपके शरीर को बहुत नुकसान पहुंचता है। खास तौर पर पथरी की समस्या का सामना कर रहे लोगों को टमाटर, चुकंदर, अमरुद या पालक का कम से कम मात्रा में सेवन करना चाहिए।

रोजाना ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए और बीज वाले फल खाने से बचना चाहिए। आपको बकरे का मांस खाने से भी बचना चाहिए। अगर आप ठीक तरह से परहेज करें तो आप जल्द से जल्द पथरी से छुटकारा पा सकते हैं।


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अन्तिम शब्द

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल ” पथरी की आयुर्वेदिक दवा ” में हमने आपको पथरी के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी। मैंने आपको बताया कि किस प्रकार आप आयुर्वेद का सहारा देकर अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं।

आयुर्वेद में ऐसे और भी कई सारे तरीके मौजूद हैं, जिनसे आप पथरी में राहत पा सकते हैं। उम्मीद करते हैं, आपको आज का यह आर्टिकल ” पथरी की आयुर्वेदिक दवा ” पसंद आया होगा।

 

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