उपसर्ग किसे कहते हैं, उपसर्ग की परिभाषा | Upsarg kise kahate hain

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Upsarg Kise Kahate Hain

आज के इस लेख में हम जानेंगे, कि Upsarg Kise Kahate Hain ( उपसर्ग किसे कहते हैं )। दरअसल उपसर्ग हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसे विद्यार्थियों को कक्षा छठी में ही पढ़ाया जाता है।

लेकिन इसके बावजूद आज हमारे बीच कई ऐसे लोग मौजूद हैं, जिन्हें उपसर्ग के बारे में ज्यादा जानकारी मालूम नहीं हैं। हालांकि हिंदी भाषा को अच्छी तरह से जानने और समझने के लिए सबसे पहले हमें हिंदी व्याकरण को समझना और जानना जरूरी होता है ।

संज्ञा किसे कहते हैं, सर्वनाम किसे कहते हैं, विशेषण किसे कहते हैं, वर्णमाला किसे कहते हैं, जैसे अध्याय को हिंदी व्याकरण पढ़ना जरूरी होता है। उसी तरह उपसर्ग और प्रत्यय की विस्तार पूर्ण जानकारी होना जरूरी होता है।

इसलिए हमने सोचा क्यों ना आज इस लेख के जरिए Upsarg Kise Kahate Hain ( उपसर्ग किसे कहते हैं ) तथा उपसर्ग के कितने प्रकार हैं, आदि के बारे में विस्तार पूर्ण जानकारी प्रदान करें।


Upsarg Kise Kahate Hain | उपसर्ग किसे कहते हैं ?  

जब भी किसी शब्द के पहले कोई शब्दांश जोड़ते हैं और जिस वजह से उसके मूल शब्द का अर्थ बदल जाता है, उसे उपसर्ग कहते हैं।

अगर इसे आसान भाषा में कहें, तो वैसे शब्द जिसके पहले कोई शब्द जोड़ने पर पूरे शब्द का अर्थ बदल जाए, यानी कि अर्थ बदल देने वाले शब्द को उपसर्ग कहा जाता है।

आइए इसे कुछ उदाहरण द्वारा हम अच्छी तरह से समझते हैं, जैसे कि:-

मान लीजिए हम एक शब्द लेते हैं, जैसे ” हार ” अब यदि हम इस शब्द के पहले कोई शब्द जोड़ते हैं, यानी कि उपसर्ग जोड़ते हैं, तो ” हार ” शब्द काअर्थ पूरी तरह से बदल जाएगा। आइए जानते हैं, कैसे:-

  1. प्र+हार = प्रहार (चोट)
  2. आ+हार =  आहार (भोजन)
  3. उप+हार = उपहार (भेंट)
  4. सं+हार =  संहार (मारना)
  5. परि+हार = परिहार (त्यागना)
  6. बि+हार = बिहार (राज्य का नाम)
  7. वि+हार = वि+हार (भ्रमण)

ऊपर दिए गए वाक्यों में आ, प्र, परि, वि, बि, सं, जैसे शब्दों को उपसर्ग कहां जाएगा। क्योंकि यह वह शब्द है, जिन्हें एक शब्द के पीछे जोड़ने पर पूरे शब्दों का अर्थ बदल जाता है।

ऊपर आपने Upsarg Kise Kahate Hain ( उपसर्ग किसे कहते हैं ) के बारे में जाना, अब उपसर्ग के प्रकार के बारे में जानते हैं।



उपसर्ग के प्रकार | Upsarg Ke Prakar | Upsarg In Hindi

हिंदी व्याकरण में उपसर्ग को मुख्यतः 3 भागों में बांटा जाता है। यानी कि उपसर्ग के मुख्यता 3 प्रकार है, जैसे कि:-

  • संस्कृत के उपसर्ग
  • हिंदी के उपसर्ग
  • उर्दू के उपसर्ग

संस्कृत के उपसर्ग

संस्कृत में उपसर्गों की कुल संख्या लगभग 22 होती है और यही उपसर्ग हिंदी व्याकरण में भी इस्तेमाल किए जाते हैं। इसी वजह से इन्हें संस्कृत के उपसर्ग कहा जाता है, उदाहरण सहित समझते हैं।

सु

  1. सुभाष = सु + भाष
  2. सुंदर = सुं + दर
  3. सुजान = सु + जान
  4. सुघड़ = सु + घड़
  5. सुगंध = सु + गंध

अध

  1. अधजला = अध + जला
  2. आधकचरा = आध + कचरा
  3. अधखिला = अध + खिला

उप

  1. उपमान = उप + मान
  2. उपयोग =  उप + योग
  3. उपनाम = उप + नाम
  4. उपाध्यक्ष = उप + अध्यक्ष

परि

  1. परिमाण = परि + माण
  2. परीक्षा = परी + क्षा
  3. परिणाम =  परि + णाम
  4. परिधान = परि + धान
  5. परिपूर्ण = परि + पूर्ण

प्रति

  1. प्रतीक = प्रती + क
  2. प्रतिलिपि = प्रति + लिपि
  3. प्रतिदिन = प्रति + दिन
  4. प्रतिपक्ष = प्रति + पक्ष

वि

  1. विदेश = वि + देश
  2. विज्ञान = वि + ज्ञान
  3. विनियोजन = वि + नियोजन
  4. विधान = वि + धान

नी

  1. निषेध = नि + षेध
  2. नियोग = नि + योग
  3. निवेदन = नि + वेदन
  4. निगम = नि + गम
  5. नियम = नि + यम

अव

  1. अवगुण = अव + गुण
  2. अवसर = अव + सर
  3. अवरोध = अव + रोध
  4. अवधारणा = अव + धारणा

प्र

  1. प्रकोप = प्र + कोप
  2. प्रभाव = प्र + भाव
  3. प्रकार = प्र + कार
  4. प्रजाति = प्र + जाति
  5. प्रताप = प्र + ताप
  6. प्रसाद = प्र + साद
  7. प्रकोप = प्र + कोप

परा

  1. पराक्रम = परा + क्रम
  2. पराजित = परा + जित
  3. पराभव = परा + भव

अनु

  1. अनुमान = अनु + मान
  2. अनुभव = अनु + भव
  3. अनुवाद = अनु + वाद
  4. अनुशासन = अनु + शासन

हिंदी के उपसर्ग

आइए हिंदी के उपसर्ग को कुछ उदाहरण सहित अच्छी तरह से समझते हैं।

  1. सपूत = सपू + त
  2. सफल = स + फल
  3. सफेद =  स + फेद
  4. सपरिवार = स + परिवार

  1. अनबन = अन + बन
  2. अनदेखी = अन + देखी
  3. अनमोल = अन + मोल
  4. अनहोनी = अन + होनी

का

  1. काजल = का + जल
  2. कायर = का + यर
  3. काढा = का + ढ़ा
  4. कालीन = का + लीन

  1. औरत = औ + रत
  2. औसर = औ + सर
  3. औतार = औ + तार

अन

  1. अनदेखा = अन + देखा
  2. अनसुना = अन + सुना
  3. अनमोल = अन + मोल
  4. अनजान = अन + जान
  5. अनशिका = अन + अशका

  1. नल = न + ल
  2. नपुंसक = न + पुंसक
  3. नाग = न + आग
  4. नस्तिष्क = न + अस्तिष्क
  5. नकुल = न + कुल

नि

  1. निडर = नि + डर
  2. निठल्ला = नि + ठल्ला
  3. निकम्मा = नि + कम्मा
  4. निधड़क = नि + धड़क

उन

  1. उनचास = उन + चास
  2. उनतीस = उन + तीस
  3. उनासी = उन + आसी

पर

  1. परदेसी = पर + देसी
  2. परजीवी = पर + जीवी
  3. परलोग = पर + लोक
  4. परोपकार = पर + उपकार
  5. परदादा = पर + दादा

बहु

  1. बहुमूल्य = बहु + मूल्य
  2. बहुविवाह = बहु + विवाह
  3. बहुपयोगी = बहू + उपयोगी
  4. बहुभुज = बहु + भुज
  5. बहुवचन = बहु + वचन
  6. बहुमत = बहु + मत

उर्दू के उपसर्ग

आइए उर्दू के उपसर्ग को कुछ उदाहरण सहित समझते हैं।

अल

  1. अलबेला = अल + बेला
  2. अलमस्त = अल + मस्त
  3. अलहदा = अल + हदा

खुश

  1. खुशामदीद = खुशाम + दीद
  2. खुशनुमा = खुश + नुमा
  3. खुशबू = खुश + बू
  4. खुशकिस्मत = खुश + किस्मत

गैर

  1. गैरहाजरी = गैर + हाजरी
  2. गैरजवाबी = गैर + जवाबी
  3. गैरवाजिब = गैर + वाजिब

बे

  1. बेपरवाह = बे + परवाह
  2. बेनस्ल = बे + नस्ल
  3. बेबाक = बे + बाक
  4. बेअदब = बे + अदब
  5. बेनिसार = बे + निसार

ना

  1. नाकामयाब = ना + कामयाब
  2. नाकामी = ना + कामी
  3. नापाक = ना + पाक
  4. नामज = ना + मज
  5. नाफरमान = ना + फरमान
  6. नाराज़ = ना + राज़

बद

  1. बदनसिबी = बद + नसिबी
  2. बदकिस्मती = बद + किस्मती
  3. बदसलुकि = बद + सलुकि
  4. बदगुमान = बद + गुमान

कम

  1. कमज़ोर = कम + ज़ोर
  2. कमज़रफ = कम + ज़रफ
  3. कमअकल = कम + अकल
  4. कमसिन = कम + सिन
  5. कमतर = कम + तर

दर

  1. दरकिनार = दर + किनार
  2. दरअसल = दर + असल

हम

  1. हमशक्ल = हम + शक्ल
  2. हमदम = हम + दम
  3. हमसफर = हम + सफर
  4. हमदर्द = हम + दर्द
  5. हमराज़ = हम + राज़

खुद

  1. खुदगर्ज = खुद + गर्ज
  2. खुदकिस्मत = खुद + किस्मत

बे

  1. बेशकीमती = बेश + कीमती
  2. बेअक्ल = बे + अक्ल
  3. बेबाक = बे + बाक
  4. बेवफाई = बे + वफाई
  5. बेहिसाब = बे + हिसाब
  6. बेदर्द = बे + दर्द

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अन्तिम शब्द:

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है, कि आज का यह लेख – Upsarg Kise Kahate Hain ( उपसर्ग किसे कहते हैं ) और उपसर्ग के कितने भेद ( Upsarg Ke Prakar ) अच्छी तरह से समझ आ गया होगा।

लेकिन इसके बावजूद यदि आपको इस लेख से संबंधित कोई सवाल पूछने हैं या इस लेख से सम्बंधित कोई राय देना है, तो आप नीचे कमेंट सेक्शन में कमेंट करके हमें बता सकते हैं, क्योंकि आपकी राय हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा यदि यह लेख – Upsarg Kise Kahate Hain पसंद आया है, तो इसे अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। ताकि और लोगों को भी हिंदी व्याकरण का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय उपसर्ग के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके।

क्योंकि हमारी मातृभाषा हिंदी है और हमें हिंदी की जानकारी होना बहुत जरूरी है। इसलिए इस लेख को और इस वेबसाइट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

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